गर्भावस्था, एक ऐसा समय होता है जब गर्भवती महिला का पूरा परिवार और उसके आस-पास मौजूद हर व्यक्ति उसे खानपान से जुड़ी अलग-अलग जानकारी देता रहता है। इस समय यह जरूरी भी है क्योंकि गर्भावस्था के समय महिला को सामान्य से अधिक देखभाल की जरूरत होती है। जब महिला के शरीर में नया जीवन पल रहा हो तो अपने स्वास्थ्य के प्रति उसकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। ऐसे में सभी आवश्यक विटामिंस और खनिज पदार्थ लेना महत्वपूर्ण हो जाता है।
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं का मन बहुत कुछ खाने का करता है, ऐसे में उन्हें अमरूद खाने का मन भी कर सकता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि गर्भवती महिला को अमरूद खाना चाहिए या नहीं?
इस लेख में हम आपको यही बताने जा रहे हैं कि गर्भावस्था में अमरूद खाना चाहिए या नहीं:
- प्रेगनेंसी में अमरूद खाने के फायदे - Pregnancy mein amrood khane ke fayde
- प्रेगनेंसी में अमरूद खाने के नुकसान - Pregnancy mein amrood khane ke nuksan
- प्रेगनेंसी में अमरूद को कैसे और कितना खाएं? - Pregnancy me amrood ko kaise aur kitna khaye
- प्रेगनेंसी में अमरूद खाने में सावधानियां - Pregnancy mein amrood khane ki savdhaniya
- सारांश
प्रेगनेंसी में अमरूद खाने के फायदे - Pregnancy mein amrood khane ke fayde
गर्भावस्था के सभी चरणों में अमरूद खाना स्वास्थ्यवर्धक रहता है। इसमें प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व मौजूद होते हैं और ये कई तरह से स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद भी है। अमरूद में मौजूद पोषक तत्व गर्भवती महिला के लिए बहुत जरूरी होते हैं। अमरूद में विटामिन बी 9, फोलिक एसिड आदि होता है जो गर्भावस्था के समय महिलाओं के लिए बहुत जरूरी माने जाते हैं।
(और पढ़ें - गर्भावस्था में फोलिक एसिड का महत्व)
गर्भावस्था में अमरूद खाने के निम्नलखित फायदे हो सकते हैं:
- गर्भावस्था में अमरूद खाने से पाचन क्रिया ठीक रहती है। गैस्ट्रिक समस्या, जी मिचलाना आदि की संभावना भी कम रहती है। (और पढ़ें - पाचन क्रिया कैसे सुधारे)
- अमरूद में पाया जाने वाला मैग्नीशियम मांसपेशियों और तंत्रिकाओं को सुचारु रूप से कार्य करने में मदद करता है और नवजात शिशु को न्यूरोलॉजिकल विकारों (दिमाग, नसों और रीढ़ की हड्डी से जुड़ा विकार) से बचाता है।
- अमरूद में विटामिन ए और विटामिन सी जैसे एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी बैक्टीरियल संक्रमण को रोकने में मदद करती है।
- अमरूद ब्लड प्रेशर के स्तर को भी नियंत्रित करता है और गर्भपात एवं समय से पहले प्रसव से भी बचाव करता है। अमरूद के सेवन से गर्भावस्था के दौरान होने वाले मधुमेह (जेस्टेशनल डायबिटीज) से भी बचा जा सकता है।
- अमरूद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कैंसर से लड़ने में भी मदद करते हैं।
- फाइबर और आयरन से प्रचुर होने के कारण अमरूद खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को भी कम करता है और एनीमिया के खतरे से भी बचाता है।(और पढ़ें - कोलेस्ट्रॉल कम करने के घरेलू उपाय)
- अमरूद में उपलब्ध विटामिन ए आंखों की रोशनी को बढ़ाता है। (और पढ़ें - आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए घरेलू उपाय)
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प्रेगनेंसी में अमरूद खाने के नुकसान - Pregnancy mein amrood khane ke nuksan
आमतौर पर गर्भावस्था में अमरूद खाना हानिकारक सिद्ध नहीं हुआ है लेकिन फिर भी अधिक मात्रा में खासतौर पर अमरूद का छिलका उतार कर खाने से दस्त हो सकते हैं। अमरूद में फाइबर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है इसलिए गर्भावस्था में ज्यादा अमरूद खाने से नुकसान हो सकता है। गर्भावस्था में दस्त होना मां और बच्चे दोनों के लिए ही ठीक नहीं है।
(और पढ़ें - दस्त रोकने के घरेलू उपाय)
गर्भावस्था में अधपका अमरूद खाने से दांतों में दर्द हो सकता है इसलिए इस बात का पूरा ध्यान रखें कि पूरी तरह से पका हुआ अमरूद ही खाएं।
प्रेगनेंसी में अमरूद को कैसे और कितना खाएं? - Pregnancy me amrood ko kaise aur kitna khaye
गर्भवती महिलाओं के लिए दिन में कम से कम एक ताजा अमरूद खाना सुरक्षित रहता है। आप एक कप कटा हुआ अमरूद खा सकती है। अमरूद का सेवन जैली, जैम, सलाद और जूस के रूप में किया जा सकता है लेकिन मार्केट में उपलब्ध पैकेट बंद अमरूद की जैली और जैम न खाएं। ऐसा माना जाता है कि लाल गूदे वाले अमरूद की तुलना में सफेद गूदे वाला अमरूद ज्यादा पौष्टिक होता है इसलिए सफेद गूदे वाला अमरूद ही खाना ठीक रहता है।
1 से 2 अमरूद रोजाना खाए जा सकते हैं लेकिन आप अगर किसी बीमारी से ग्रस्त हैं तो अमरूद को अपने आहार में शामिल करने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। कई बार अमरूद को पाउडर के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता है लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए। कच्चा अमरूद खाना ही स्वास्थ्यवर्द्धक होता है।
(और पढ़ें - पौष्टिक आहार के फायदे)
प्रेगनेंसी में अमरूद खाने में सावधानियां - Pregnancy mein amrood khane ki savdhaniya
गर्भावस्था में अमरुद खाने के दौरान निम्नलखित सावधानियां रखें:
- फल को अच्छे से धोकर खाएं क्योकिं सामान्य फलों की तरह अमरूद भी केमिकल्स द्वारा पका हो सकता है इसलिए फल को बिना धोए खाने से संक्रमण हो सकता है।
- कई बार अमरूद से एलर्जी भी हो सकती है, तो इस स्थिति में गर्भवती महिलाएं अनानास और स्ट्रॉबेरी खा सकती हैं।
गर्भावस्था में अमरूद के सेवन को लेकर अब तक किसी भी तरह के दुष्प्रभाव की बात सामने नहीं आई है। हालांकि, ये बात भी सच है कि गर्भावस्था या किसी भी समय पर किसी भी फल का अधिक मात्रा में सेवन करना नुकसानदायक हो सकता है। जितना हो सके उचित मात्रा में ही अमरूद का सेवन करें।



