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पर्याप्त नींद न लेने से मानसिक और शारीरिक दोनों तरह का स्वास्थ्य प्रभावित होता है। खासकर इसका बुरा असर आपके इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा तंत्र पर पड़ता है। दरअसल प्रतिरक्षा तंत्र इस तरह बना है कि बुखार, संक्रमण और अन्य छोटी-मोटी बीमारियों से बचाता है। इम्यून सिस्टम कई तरह की कोशिकाओं और प्रोटीन से मिलकर बना है, जो सर्दी-जुकाम या अन्य बाहरी वायरस को शरीर में घुसने से रोकता है। इसीलिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना जरूरी है। इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है पर्याप्त नींद। इस लेख में हम जानेंगे कि नींद और इम्यून सिस्टम का आपस में क्या लिंक है और बेहतर नींद किस तरह आपके प्रतिरक्षा तंत्र को प्रभावित करती है।

नींद, मस्तिष्क और इम्यून सिस्टम का संबंध

नींद और इम्यून सिस्टम का आपस में संबंध बहुत सीधा-सपाट नहीं है। लेकिन यह तय है कि आपका इम्यून सिस्टम काफी जटिल है। यह कई तरह की कोशिकाओं से बना है और प्रोटीन की मदद से चार्ज होता है। तभी आपके शरीर में बाहरी वायरस को आने से यह रोक पाता है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि नींद की कमी की वजह से टी-सेल्स (इम्यून को प्रभावित करने वाली कोशिका) कमजोर हो जाते हैं और साइटोकिन्स बढ़ जाते हैं। नतीजतन नींद की कमी की वजह से सर्दी-जुकाम और फ्लू हो जाता है। इसे सरल भाषा में समझें। नींद की कमी की वजह से आपके प्रतिरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है। कहने का मतलब यह है कि आप रात को जितनी देर तक जगेंगे, आपके शरीर की कार्यक्षमता उतनी कमजोर होगी और बैक्टीरियल संक्रमण की चपेट में भी आप आसानी से आ जाएंगे।

नींद और प्रतिरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली 

लगभग 4 में से 1 व्यक्ति आज किसी न किसी तरह से नींद की कमी से जूझ रहा है। जबकि नींद आपके शरीर में ऊर्जा का वितरण करती है। यही नहीं नींद ऊर्जा संसाधनों के पुनर्वितरण में मदद करती है, जो मुख्य रूप से प्रतिरक्षा तंत्र के लिए मस्तिष्क और मांसपेशियों के काम के लिए उपयोगी है। नींद के दौरान आपके प्रतिरक्षा तंत्र की कोशिकाएं आराम मुद्रा में होती हैं और अगले दिन की कार्यप्रणाली के लिए खुद को तैयार करती हैं। इसके साथ ही नींद दिमाग को सिर्फ रिचार्ज नहीं करती बल्कि पूरे दिन की गतिविधियों से शरीर में जो विषाक्त पदार्थ भरते हैं, उन्हें भी साफ करने में मददगार है। यदि विषाक्त पदार्थों की सफाई नहीं हुई, तो इससे जलन और सूजन जैसी समस्या हो सकती है।

सोने के दौरान कर्टिसोल और एड्रेनलाइन का स्तर गिर जाता है जबकि मेलाटोनिन का स्तर बढ़ जाता है। नतीजतन शरीर में मौजूद क्षतिग्रस्त मोलिक्यूल्स ठीक होने लगते हैं।

नींद, इम्यून सिस्टम और हार्मोन

नींद इम्यून सिस्टम और हार्मोन को बेहतर तरीके से प्रभावित करती है। यह जरूरी भी है क्योंकि सक्रिय प्रतिरक्षा प्रणाली ऊर्जा पर निर्भर है। 

ध्यान रखें कि नींद की कमी की वजह से आपका शरीर कम साइटोकिन्स बनाता है। यह एक प्रकार का प्रोटीन है जो संक्रमण और सूजन को कम करने में सहायक है और प्रतिरक्षा तंत्र को प्रभावी बनाता है। साइटोकिन्स नींद में उत्पादित भी होते हैं और रिलीज भी होते हैं। यदि आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो आपका प्रतिरक्षा तंत्र कमजोर होता है। यहां तक कि नींद ना लेने की वजह से आपके शरीर की कार्यक्षमता भी कम होती है और यदि आपने फ्लू वैक्सीनेशन लगाया हुआ है, उसका प्रभाव भी कम हो जाता है।

पर्याप्त नींद के लिए निम्न बातों का ध्यान रखें

  • रोजाना रात को 7 से 8 घंटे की नींद आवश्यक रूप से लें इससे आपका इम्यून सिस्टम अपने काम को बेहतर तरीके से कर पाएगा और आप बीमारी से बचे रहेंगे।
  • पर्याप्त नींद आपको हृदय रोग, डायबिटीज और मोटापे से भी बचाती है।
  • यदि किसी कारणवश आप पूरी नींद नहीं ले पाते हैं तो कोशिश करें कि व्यस्त जीवनशैली से कुछ समय निकालें। छोटी-छोटी झपकियां लें। यह भी आपके लिए उपयोगी है।
  • याद रखें कि यदि आप दिन में सोते हैं तो तीस मिनट से ज्यादा न सोएं। एक बार सुबह हल्की नींद लें और दूसरी बार दोपहर को। अध्ययनों से पता चला है कि आधे-आधे घंटे की नींद लेने की वजह से स्ट्रेस कम होता है और इसके प्रतिरक्षा तंत्र पर पड़े नकारात्मक प्रभाव कम होते हैें ।
  • यदि आप दिन में तीस-तीस मिनट की नींद नहीं ले पा रहे हैं तो लंच में कम से कम 20 मिनट के लिए आंखें बंद कर लें और अगली बार रात को खाना खाने के पहले हल्की नींद लें। आपको फर्क महसूस होगा।
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