प्रोटीन हमारे शरीर के लिए अति महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक है, यह हमारे शरीर के लगभग हर भाग में पाया जाता है जैसे कि बाल, हड्डी, रक्त, ऊतकों, मांसपेशियों आदि में। प्रोटीन को शरीर के लिए एक बिल्डिंग ब्लॉक के रूप में जाना जाता है, जो हमारे शरीर की मांसपेशियों को बनाने, हार्मोन को बनाने और सही से काम करने, टूट-फूट में मरम्मत करने में और हमारे शरीर की अवस्था के अनुसार विकास करने आदि में पूरा योगदान देता है।

प्रोटीन में 20 तरह के एमिनो एसिड्स (amino acids) होते हैं। इनमें से 8 एमिनो एसिड्स काफी जरूरी होते हैं, जो हमें भोजन से प्राप्त होते हैं। बाकी 12 सामान्य एमिनो एसिड्स शरीर में ही उत्पादित किए जाते हैं। उच्च गुणवत्ता के प्रोटीन्स जैसे अंडे और मांस अन्य प्रोटीन युक्त भोजनों के मुकाबले ज्यादा मात्रा में मांसपेशियों का विकास करने वाले एमिनो एसिड्स प्रदान करते हैं।

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प्रोटीन शरीर में विभिन्न प्रकार की गति से सोखे जाते हैं। उदाहरण के तौर पर व्हे (whey) प्रोटीन तुरंत हजम हो जाता है और केसीन (casein) जो कि दूध में पाये जाने वाला प्रोटीन होता है, वह धीरे धीरे हजम होता है। प्रोटीन के प्राकृतिक स्रोतो में अंडे प्रमुख हैं। अंडे को भोजनों में प्रोटीन का राजा माना जाता है। इसमें सारे 20 एमिनो एसिड्स होते हैं जो कि काफी आसानी से हजम हो जाते हैं। दूध प्रोटीन से भरा होता है। इसमें शरीर की शक्ति में वृद्धि करने वाला पोषक तत्व कैल्शियम (calcium) भी होता है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ मांसाहारी खाद्य पदार्थ में ही प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है। शाकाहारी खाद्य पदार्थ में भी प्रोटीन उचित मात्रा में पाएं जाते हैं।

कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं, जिनमें प्रोटीन की अच्छी मात्रा होती है। इस लेख में, हम उन विकल्पों और उनके उपयोगों के विषय में चर्चा करेंगे :

  1. प्रोटीन से भरपूर हैं दालें - Lentils are rich in protein in Hindi
  2. प्रोटीन युक्त आहार है आटा - Protein-rich diet is flour in Hindi
  3. प्रोटीन के शाकाहारी स्रोत हैं सब्जियां - Vegetarian Protein Source Vegetables in Hindi
  4. दूध एवं दूध से बने पदार्थ अवश्य लें - Milk products are good source of protein in Hindi
  5. सूखे मेवे एवं बीज हैं प्रोटीन से भरपूर - Dry-fruit and seeds for protein in Hindi
  6. राजमा है फायदेमंद - Kidney bean for protein in Hindi
  7. सोया उत्पाद का करें प्रयोग - Soy Products for protein-rich meal in Hindi
  8. प्रोटीन के लिए खाएं हरी मटर - Green peas for protein-rich diet in Hindi
  9. प्रोटीन की आवश्यकता को पूरा करने के लिए लें अंडा - Take egg for protein-rich meal in Hindi
  10. चिकन से करें प्रोटीन की आवश्यकता पूरी - Take chicken for high biological protein in Hindi
  11. मछली है प्रोटीन से भरपूर - Fish for protein-rich meal in Hindi
  12. प्रोटीन से भरपूर अनाज है ओट्स - Oats-protein-rich cereal in Hindi
  13. प्रोटीन मुक्त आहार है काले चने - Black chickpea for protein in Hindi

दालें भारतीय थाली का एक मुख्य भाग होती हैं। इन्हें वीगन प्रोटीन के रूप में भी जाना जाता है। भारतीय रसोई में दालें मुख्य भोजन विकल्पों में से एक है। यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के अनुसार, 100 ग्राम दाल में 8-9 ग्राम प्रोटीन होता है। अरहर दाल, मूंग दाल, चना दाल, उडद दाल, मसूर दाल, आदि इस समूह में आते हैं। आप इन दालों का उपयोग सूप, दाल, करी, सब्जी, कोफ्ता या अपनी रोटी में स्टफिंग के रूप में कर सकते हैं।

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आटे में स्वास्थ्यवर्द्धक प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट रहता है, जो चयापचय के लक्षण में वृद्धि की संभावना को कम करने में मदद करता है। साथ ही विटामिन बी1, बी2, बी3, ई, मैग्नीशियम, आयरन, जिंक और फास्फोरस का सबसे अच्छा स्रोत है जो सामान्य मांसपेशियों और कोशिकाओं के कायाकल्प के लिए जरूरी होता है।

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शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है। हर बार यह सवाल उठता है कि अच्छा और भरपूर प्रोटीन किस खाद्य पदार्थ से मिलेगा। कुछ सब्जियां हैं जिनमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है जैसे मटर, पालक, शतावरी, मशरूम, फूलगोभी आदि।

भारतीय आहार में डेयरी उत्पाद भोजन के आवश्यक विकल्पों में से एक हैं। इस समूह में दूध, दही, पनीर, छाछ आदि शामिल हैं। 1 कप दूध में 8 ग्राम प्रोटीन होता है। डेयरी उत्पाद प्रोटीन के साथ-साथ, ऊर्जा, वसा, कैल्शियम, फास्फोरस आदि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। यदि आप वजन कम करने की योजना बना रहे हैं, तो कम वसा वाले दूध के विकल्पों का चयन करके पूरे प्रोटीन की प्राप्ति कर सकते हैं। इस फूड ग्रुप का इस्तेमाल मिल्कशेक, लस्सी, रायता, टिक्की, मसाला छाछ, खीर, कोल्ड कॉफी, करी आदि के तौर पर किया जा सकता है।

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क्या आप भी मोटापे से परेशान है लाख कोशिशों के बाद भी वजन काम नहीं कर पा रहे है तो आज ही myUpchar आयुर्वेद मेदारोध वेट लॉस जूस को इस्तेमाल करना शुरू करे और अपने वजन को नियंत्रित करे।

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सूखे मेवे और बीज प्रोटीन के साथ-साथ ऊर्जा से भी भरपूर होते हैं, इनके अलावा इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड, ओमेगा 6 फैटी एसिड, विटामिन ई आपके शरीर को स्वस्थ तरीके से कार्य करने में मदद करते हैं। इस फूड ग्रुप में आप बादाम, अखरोट, काजू, पिस्ता, सूरजमुखी के बीज, चिया के बीज, कद्दू के बीज, अलसी के बीज, तिल के बीज आदि ले सकते हैं। आप इन्हें अपने शेक, करी, सलाद आदि में शामिल कर सकते हैं या चाय के साथ नाश्ते के रूप में भी ले सकते हैं।

राजमा को अपने आकार के कारण किडनी बीन के नाम से भी जाना जाता है। यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के अनुसार, 100 ग्राम राजमा में 24 ग्राम प्रोटीन होता है। इसके अलावा राजमा ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, मैग्नीशियम, पोटेशियम और फाइबर से भी भरपूर होता है। इसे करी, सलाद, कबाब आदि के रूप में लिया जा सकता है।

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शाकाहारी लैक्टोज-इन्टॉलरेंट लोगों में सोया उत्पाद काफी पसंद किए जाते हैं। 100 ग्राम सोयाबीन में लगभग 40 ग्राम प्रोटीन होता है। लेकिन कई मिश्रित साक्ष्य हैं जो इसमें फाइटोएस्ट्रोजेन यौगिक की पुष्टि करते हैं, जो कि हार्मोनल समस्याओं को बढ़ा सकते हैं, इसलिए इसे नियमित रूप से लेने से पहले आप अपने डॉक्टर से अवश्य पूछ लें। इस समूह में, आप अपने दैनिक आहार में सोया मिल्क, टोफू या साबूत सोयाबीन ले सकते हैं।

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हरी मटर का उपयोग आमतौर पर भारतीय खाना पकाने में भोजन के रंग और स्वाद को बढ़ाने के लिए किया जाता है। 100 ग्राम हरी मटर से 5 ग्राम प्रोटीन होता है। प्रोटीन सहित, इसमें फाइबर, विटामिन ए, सी, के और पोटेशियम की भी अच्छी मात्रा होती है। आप इसे घुघरी (स्नैक), घुघरा (मिठाई), मटर पनीर, निमोना (दाल), करी या हरी मटर की चाट के रूप में भी खा सकते हैं।

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100 ग्राम अंडे में 12 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन डी, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटेशियम, फोलेट, कोलीन आदि भी पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर को ठीक से काम करने में मदद करते हैं। अंडे में मौजूद पोषक तत्वों के पूरे अवशोषण के लिए, पूरा अंडा (सफेद व जर्दी दोनों) खाने की कोशिश करें। आप इस सुपरफूड को पॉच्ड एग, अंडा भुर्जी, अंडा करी, उबला हुआ या सनी-साइड-अप के रूप में ले सकते हैं।

किसी भी मांसाहारी व्यक्ति के लिए चिकन पसंदीदा भोजनों में से एक होता है। चिकन अपने उच्च जैविक मूल्य प्रोटीन (हाई बायोलॉजिकल वैल्यू प्रोटीन) के लिए भी जाना जाता है जो हमारे शरीर में पूरी तरह से अवशोषित हो जाता है। यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के अनुसार, 100 ग्राम चिकन में लगभग 0 ग्राम कार्बोहाइड्रेट और 27 ग्राम प्रोटीन होता है। प्रोटीन के अलावा, चिकन में विटामिन बी समूह, कैल्शियम, जस्ता (जिंक), सेलेनियम, ओमेगा 3 फैटी एसिड आदि भी अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। आप इसे बटर चिकन, सूप, कबाब, सलाद, टिक्का आदि के रूप में ले सकते हैं।

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यू.एस. डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर के अनुसार, 100 ग्राम मछली में लगभग 20 ग्राम प्रोटीन होता है। मछली डीएचए का भी एक अच्छा स्रोत है, जो कि आंखों, दिमाग एवं तंत्रिका तंत्र के विकास में मदद करता है। इसके अलावा मछली को एंटीऑक्सीडेंट, एंटी इंफ्लेमेटरी और न्यूरोट्रॉफिक गुणों के लिए भी जाना जाता है। रावस, बंगाड़ा, सुरमई, रानी, हिलसा आमतौर पर भारत में पाई जाने वाली मछलियां हैं। उपलब्धता के अनुसार आप इनका सेवन कर सकते हैं। इसे फिश करी, टिक्का, फिश फ्राई आदि के रूप में खाया जा सकता है।

अनाजों से कार्बोहाइड्रेट और फाइबर अधिक मात्रा में एवं प्रोटीन कम मात्रा में मिलता है, लेकिन ओट्स एक ऐसा अनाज है, जिसमें 100 ग्राम में 12.5 ग्राम प्रोटीन की प्राप्ति होती है। लेकिन आजकल बाजार में बहुत सारे प्रोसेस्ड और पैकेट वाले ओट्स उपलब्ध हैं, जो आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकते हैं। इसलिए जब भी आप ओट्स खरीद रहे हों, तो इंस्टेंट ओट्स ना लेकर, रोल्ड ओट्स या स्टील-कट ओट्स का चयन करें। आप इसे दलिया, चीला, उपमा, पोंगल या अपने कटलेट में बाइंडिंग के रूप में उपयोग कर सकते हैं।

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शरीर में मजबूती लाने के लिए काले चने का इस्तेमाल काफी पुराने समय से किया जा रहा है। इसके अलावा भूने काले चने और गुड़ का सेवन सबसे पुराने इम्युनिटी बूस्टर के रूप में किया जाता रहा है। काले चने में फाइबर की मात्रा ज्यादा एवं ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो आपके ब्लड शुगर को नियमित करने में, लिपिड या कोलेस्ट्रॉल के स्तर और वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है और कब्ज से भी राहत दिलाता है। 100 ग्राम काले चने में 19 ग्राम प्रोटीन होता है। आप इसे भुने हुए चने, स्प्राउट्स, कबाब, करी आदि के रूप में ले सकते हैं।

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