प्रेगनेंसी में महिलाओं को अपनी सेहत का खास ध्यान रखना चाहिए. इस दौरान महिलाओं को अपने आहार में पोषक तत्वों से भरपूर आहार को शामिल करने की जरूरत होती है. खासतौर पर आपको अपने आहार में भरपूर रूप से फल और सब्जियों को शामिल करने की जरूरत होती है.

अधिकतर हेल्थ एक्सपर्ट प्रेगनेंसी में महिलाओं को कई तरह के फलों को खाने की सलाह देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि प्रेगनेंसी में हर तरह के फलों का सेवन नहीं किया जा सकता है. जी हां, प्रेगनेंसी में फलों का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है, लेकिन कुछ ऐसे फल जैसे- पाइनएप्पल, पपीता व अंगूर हैं, जिसका सेवन आप प्रेगनेंसी के दौरान नहीं कर सकते हैं.

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आज हम इस लेख में प्रेगनेंसी में कौन-सा फल नहीं खाना चाहिए, इसके बारे में विस्तार से जानेंगे.

  1. प्रेगनेंसी में किस फल का सेवन नहीं करना चाहिए
  2. प्रेगनेंसी में खाए जाने वाले फल
  3. प्रेगनेंसी में फल खाते वक्त रखें जरूरी बातों का ध्यान
  4. सारांश
प्रेगनेंसी में कौन-सा फल खाएं, कौन सा नहीं के डॉक्टर

प्रेगनेंसी के दौरान पपीता, अनानास और अंगूर जैसे फलों का सेवन नहीं करना चाहिए. इससे आपको और आपके बच्चे को नुकसान पहुंच सकता है. कई एक्सपर्ट और रिसर्च में बताया गया है कि प्रेगनेंसी के दौरान इन फलों के सेवन से भ्रूण को नुकसान पहुंच सकता है.

आइए विस्तार से जानते हैं इसके बारे में-

अंगूर

प्रेगनेंसी के दौरान कुछ महिलाओं को अंगूर न खाने की सलाह दी जा सकती है. दरअसल, अंगूर में रेस्वेराट्रोल पाया जाता है, जो जहरीला कंपाउंड होता है. अगर अधिक मात्रा में अंगूर का सेवन किया जाए, तो यह विषाक्तता या गर्भावस्था की अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है.

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कच्चा पपीता

प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं को कच्चा पपीता खाने से परहेज करना चाहिए. दरअसल, कच्चे पपीते में लेटेक्स पाया जाता है, जो समय से पहले भ्रूण में संकुचन पैदा कर सकता है. हालांकि, पके पपीते का सेवन महिलाओं के लिए सुरक्षित हो सकता है, लेकिन पके पपीते का छिलका और बीज भी प्रेगनेंसी के दौरान असुरक्षित होता है. इसलिए, कई हेल्थ एक्सपर्ट इससे होने वाले जोखिमों से बचने के लिए गर्भवती महिलाओं को दोनों में से किसी भी पपीते का सेवन न करने की सलाह देते हैं.

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पाइनएप्पल

प्रेगनेंसी में महिलाओं को पाइनएप्पल न खाने की भी सलाह दी जाती है. दरअसल, इसमें ब्रोमेलैन होता है, जो गर्भाशय ग्रीवा को नरम कर सकता है. अगर आप इसका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, तो इससे आपके भ्रूण को काफी नुकसान हो सकता है. हालांकि, कई डॉक्टरों का मानना है कि आप हल्की-फुल्की मात्रा में पाइनएप्पल का सेवन कर सकते हैं. इस फल में कई उपयोगी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं. कई एक्सपर्ट आपको गर्भावस्था की पहली तिमाही में पाइनएप्पल के सेवन को सीमित करने की सलाह दे सकते हैं.

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केला

गर्भवती महिलाओं के लिए केला काफी फायदेमंद होता है. लेकिन अगर आपको गर्भावस्था के दौरान डायबिटीज है, तो इसका सेवन न करें, क्योंकि इसमें शुगर की मात्रा काफी ज्यादा होती है. वहीं, अगर आपको डायबिटीज की समस्या नहीं है, तो आप इसका सेवन कर सकते हैं. इससे आपको और आपके बच्चे को कई तरह के आवश्यक विटामिन और खनिज मिल सकते हैं.

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आइए, अब उन फलों के बारे में भी जान लेते हैं, जिनका सेवन प्रेगनेंसी में किया जा सकता है-

खुबानी

इसमें मुख्य रूप से विटामिन-ए, सी, ई, बीटा-कैरोटीन, फास्फोरस, सिलिकोन, कैल्शियम, आयरनपोटैशियम की पर्याप्त मात्रा होती है. ये पोषक तत्व गर्भवती महिला व होने वाले शिशु के विकास में फायदा करते हैं.

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चेरी

चेरी में प्रमुख रूप से विटामिन-सी होता है, जो इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. साथ इसे खाने से प्लेसेंटा और भ्रूण तक रक्त आपूर्ति ठीक तरह से होती है.

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अमरूद

अमरूद को भी प्रेगनेंसी के बेहतरीन फल माना गया है. इसे खाने से पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है और रक्त-संचार भी संतुलित रहता है. अमरूद में विटामिन-सी, ई, कैरोटीनॉयड और पॉलीफेनोल जैसे जरूरी कंपाउंड होते हैं.

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कीवी

कीवी में श्वसन प्रणाली को बेहतर रखने का गुण होता है. इसके अलावा, कीवी आयरन को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है. साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट और फोलेट भी पाया जाता है, जो शिशु के तंत्रिका तंत्र को बेहतर तरीके से विकसित करता है.

इनके अलावा, गर्भवती महिला डॉक्टर की सलाह पर सेब, चीकू, स्ट्रॉबेरी, अनार, संतरा, तरबूज, खजूरजामुन आदि का भी सेवन कर सकती है

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प्रेगनेंसी में फलों को खाने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की जरूरत होती है, ताकि इससे आपकी सेहत को नुकसान न हो, जैसे-

फलों को अच्छे से धोकर खाएं

फलों को खाने से पहले हमेशा अच्छे से धोएं. दरअसल, फल में कीटनाशक अवशेष या फसल से बची हुई मिट्टी हो सकती है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए नुकसानदेह हो सकता है. इस वजह से कई गर्भवती महिलाओं को जैविक उत्पादों का विकल्प चुनने की सलाह दी जाती है, लेकिन इस तरह के फलों को भी धोकर ही खाना चाहिए.

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अधिक फलों के सेवन से बचें

कई फलों में चीनी की मात्रा काफी अधिक होती है, ऐसे में गर्भावस्था के दौरान मधुमेह होने का जोखिम बढ़ सकता है. वहीं, जिन महिलाओं को डायबिटीज पहले से है, उन्हें शर्करा युक्त फलों के सेवन से नुकसान हो सकता है. इस वजह से फलों के जूस का अधिक सेवन करने से बचें. अतिरिक्त शर्करा के बिना पोषक तत्व प्राप्त करने के लिए सीमित मात्रा में फलों का सेवन करने की सलाह दी जाती है.

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डॉक्टर से लें सलाह

अगर आपको गर्भावस्था में डाइट को लेकर किसी तरह का सवाल है, तो अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें. कभी भी अपने डाइट के बारे में पूछने के लिए डॉक्टर से संकोच न करें, ताकि भ्रूण का समुचित विकास अच्छे से हो सके. साथ ही आपको भी किसी तरह की परेशानी का अनुभव न हो.

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गर्भावस्था के दौरान हमें अपने आहार में फलों को भरपूर रूप से शामिल करना चाहिए, लेकिन कुछ ऐसे फल हैं, जैसे- कच्चा पपीता, अंगूर और पाइनएप्पल, जिनका सेवन प्रेगनेंसी के दौरान कम मात्रा में या फिर डॉक्टर की सलाह पर ही करना चाहिए. इसके अलावा, फलों का सेवन सीमित मात्रा में करें. हमेशा फल और सब्जियों को अच्छे से धोकर ही खाएं, ताकि आपको और आपके बच्चे को किसी तरह का नुकसान न हो.

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