कीटोजेनिक आहार यानी कीटो डाइट आज के समय में सबसे प्रसिद्ध आहारों में से एक है। कीटो डाइट में केटोजेनिक अवस्था को प्राप्त करने के लिए, अपनी रोजाना की डाइट में उच्च वसा और काफी कम मात्रा में कार्बोहाइड्रेट (प्रतिदिन 50 ग्राम से भी) लिया जाता है। कई रिसर्च अध्ययनों में इस डाइट को लेने से, कई स्वास्थ्य संबंधी सुधारों की पुष्टि की गई है जैसे कि मोटापा, मिर्गी, अल्जाइमर रोग, पार्किंसंस रोग, इन्सुलिन रेजिस्टेंस का कम होना आदि।

भारतीय आहार कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होता है। ऐसे में भारतीयों के लिए इस डाइट की शुरुआत करना थोड़ा दुविधाजनक स्थिति हो जाती है। इस लेख में, हम उन भारतीय खाद्य विकल्पों को साझा करेंगे, जिन्हें आप अपनी कीटो डाइट के दौरान आसानी से ले सकते हैं और उन खाद्य पदार्थों की सूची साझा करेंगे, जिन्हें हमें इस डाइट के दौरान नहीं लेना चाहिए। आइये जानते हैं :

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  1. भारतीय कीटो डाइट लिए आहार विकल्प - What food I can eat in the keto diet in India in Hindi
  2. पैकेट वाले खाने का कैसे करें चयन - Ready to eat options in Hindi
  3. कीटो डाइट में किन भारतीय चीजों से करें परहेज - What not to eat in the keto diet in India in Hindi
  4. भारतीय कीटो डाइट में इन बातों का भी रखें ध्यान - Take home message in Hindi
कीटो डाइट के लिए भारतीय आहार के डॉक्टर

यहां हम भारत में उपलब्ध भोज्य पदार्थों के विषय में विस्तार में बताएंगे, जिसका चयन कीटो डाइट को प्लान करने के लिए आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है :

कीटो डाइट में अनाज की जगह क्या लें - What to take instead of Indian cereals during keto diet in Hindi

दैनिक भारतीय आहार में गेहूं, चावल, मोटे अनाज (जैसे कि ज्वार, बाजरा, रागी आदि) ऊर्जा के मुख्य स्रोत होते हैं, साथ ही भारतीय थाली का एक अभिन्न हिस्सा भी होते हैं। लेकिन यह खाद्य समूह कार्बोहाइड्रेट से भी भरपूर होते हैं। जैसा कि इस आहार के दौरान, आपको अपने कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को नियंत्रित करने की आवश्यकता होती है। ऐसे में अनाजों से बनी चपाती, ब्रेड, चावल, नूडल आदि को पूरी तरह से बंद करने की आवश्यकता होती हैं। लेकिन इन्हें कुछ चीजों से बदलकर आप अपने इन भोज्य पदार्थों की क्रेविंग को नियंत्रित कर सकते हैं, साथ ही अपनी कीटो डाइट को बिना किसी दुविधा के फॉलो कर सकते हैं। इसके लिए, चपाती के लिए आलमंड यानी बादाम का आटा, नारियल का आटा इस्तेमाल कर सकते हैं, जो कि बाजार में आसानी से उपलब्ध भी हो जाते हैं। चावल की कमी को पूरा करने के लिए आप फूलगोभी का इस्तेमाल कर सकते हैं, इसे चावल या पुलाव के रूप में ले सकते हैं। साथ ही नूडल की कमी को पूरा करने के लिए आप घर पर ही जुकिनी या कच्चे पपीते से नूडल बना कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

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कीटो डाइट में कौन से प्रोटीन का चयन करें - What types of protein to choose during Indian keto diet in Hindi

इस आहार के दौरान प्रोटीन मुख्य पोषक तत्वों में से एक है। यहां हम कुछ प्रोटीन विकल्पों का उल्लेख कर रहे हैं, जिन्हे चिंतामुक्त होकर आप अपनी डाइट में ले सकते हैं :

पनीर - जैसा कि हम सब जानते हैं कि पनीर किसी भी शाकाहारी रसोई में इस्तेमाल होने वाले पसंदीदा भोजनों में से एक है। अगर आप शाकाहारी हैं और कीटो डाइट का पालन करना चाहते हैं, तो चीज और पनीर आपकी प्रोटीन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। 100 ग्राम पनीर में लगभग 12-13 ग्राम प्रोटीन और अच्छी मात्रा में विटामिन बी 12, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम आदि मिलते हैं। इसकी पूर्ण गुणवत्ता का लाभ उठाने के लिए, घर पर ही फुल फैट/फुल क्रीम मिल्क से पनीर बनाने की आदत डालें, ऐसे में आप हानिकारक प्रेजरवेटिव, सोडियम आदि से बचाव कर सकते हैं। इसे आप करी, सलाद, मखनी पनीर, टिक्की, पकौड़े, पनीर टिक्का आदि के रूप में ले सकते हैं।

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टोफू - टोफू एक ऐसा भोज्य पदार्थ है, जिसमें प्रोटीन की मात्रा ज्यादा एवं कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी कम होती है। किन्तु कई मिश्रित प्रमाण इसके फाइटोएस्ट्रोजन से समृद्ध होने की पुष्टि करते हैं, जो कि आपके हार्मोन के स्तर को प्रभावित कर सकता है, इसलिए टोफू को अपने नियमित आहार में लेने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य चर्चा करें।

अंडा - 100 ग्राम अंडे में लगभग 1 ग्राम कार्बोहाइड्रेट एवं 12 ग्राम प्रोटीन होता है। इसमें विटामिन ए, विटामिन डी, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम, फोलेट, कोलीन आदि भी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारे शरीर के सभी अंगों को भली भांति काम करने में मदद करते हैं। इस भोजन के कुल लाभ के लिए, अंडे को पीले भाग के साथ लेने की कोशिश करें। आप इस सुपरफूड को पॉच्ड एग, अंडा भुर्जी, अंडा करी, उबला या सनी-साइड-अप के रूप में ले सकते हैं।

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मांस - चिकन और अन्य मांस उत्पाद कीटो डाइट में मुख्य आहार के विकल्प के रूप में जाने जाते हैं, साथ ही साथ, इसे उच्च जैविक मूल्य/हाई बायोलॉजिकल वैल्यू प्रोटीन के रूप में भी जाना जाता है, जो हमारे शरीर में पूरी तरह से अवशोषित होता जाता है। अमेरिकी कृषि विभाग (यूएसडीए) के अनुसार, 100 ग्राम चिकन में लगभग 0 ग्राम कार्ब्स और 27 ग्राम प्रोटीन होता है। चिकन के अलावा, इस समूह में आने वाले सभी खाद्य विकल्पों में अच्छी मात्रा में प्रोटीन और विटामिन बी समूह, कैल्शियम, जस्ता/ जिंक, सेलेनियम, ओमेगा 3 फैटी एसिड आदि पाए जाते हैं। इस समूह को अपने रोजाना के कीटो डाइट में लेने के लिए, वसायुक्त मछलियां, चिकन, मटन, समुद्री भोजन जैसे कि झींगा, केकड़ा, लॉबस्टर आदि अवश्य लें, आप इस भोजन समूह को मछली की करी, बटर चिकन, मटन कबाब, चिकन कबाब, चिकन सीजर सलाद, मटन करी आदि के रूप में ले सकते हैं।

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भारतीय कीटो डाइट में कौन सी सब्जियां लें - Which vegetables should be taken in the Indian Keto diet in Hindi

सब्जियां फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, फोलेट, मैग्नीशियम, जस्ता (जिंक) और एंटीऑक्सीडेंट, आदि का एक समृद्ध स्रोत होते हैं जो हमारे शरीर को ठीक से काम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं एवं रोगों जैसे मोटापा, कैंसर, हृदय, लिवर आदि से संबंधित बिमारियों से लड़ने में मदद करती हैं। किन्तु कुछ सब्जियां (विशेष रूप से जड़ वाली सब्जियां) कार्बोहाइड्रेट से भरपूर होती हैं और उन सब्जियों की सिर्फ एक सर्विंग लेने से ही आपकी दैनिक कार्बोहाइड्रेट की आवश्यकता पूरी हो जाती है। इसलिए इन सब्जियों जैसे आलू, रतालू, जिमीकंद, शकरकंद, शलजम, चुकंदर आदि का सेवन न करें।

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कम कार्बोहाइड्रेट वाली सब्जियों का सेवन, आपके आवश्यक पोषक तत्वों की आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक साबित होते हैं और इस आहार को पूरी तरह फॉलो करने में मदद कर सकते हैं। इन्हें आप सूप, स्टिर फ्राई, करी, कोफ्ता, सलाद आदि के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं, कम कार्बोहाइड्रेट वाली सब्जियां इस प्रकार हैं : 

फूलगोभी
पालक
मेथी
चौलाई
बथुआ
पोई का साग
सलाद पत्ता
पत्ता गोभी
बैंगन
प्याज
खीरा
तुरई
लौकी
पेठा
रंग-बिरंगी शिमला मिर्च

भारतीय कीटो डाइट में कौन से फल खाएं - Fruits during Keto Diet in Hindi

फल विटामिन, मिनरल, फाइबर एवं एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होने के कारण हमारी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं, किन्तु इनमें फ्रुक्टोज की भी अच्छी मात्रा होती है, यह हमारे कुल कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को बढ़ा सकते हैं। एवोकाडो एक ऐसा फल है, जिसमे फैट की मात्रा ज्यादा एवं कार्बोहाइड्रेट की मात्रा काफी कम होती हैं, जिस कारण से इसे कीटो डाइट के दौरान काफी उत्तम फल माना जाता है। इसके अलावा कुछ अन्य फल भी हैं, जिनमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा 100 ग्राम में 10 ग्राम से भी कम होती है, इन फलों का कम मात्रा में उपयोग करके आप अपने पोषक तत्वों को कुछ हद तक पूरा कर पाएंगे, साथ ही कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को नियंत्रित कर पाएंगे। इन फलों में आप स्ट्रॉबेरी, तरबूज, खरबूजा, कमरख, नींबू, आड़ू आदि का इस्तेमाल कर सकते हैं।

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कीटो डाइट में कौन सी वसा लेना फायदेमंद होगा - Selection of fat during Indian keto diet in Hindi

चूंकि वसा इस आहार का एक प्रमुख हिस्सा है, ऐसे कुछ विकल्प हैं, जिन्हें आप अपनी आवश्यकताओं के अनुसार ले सकते हैं :

तेल - एक शोध अध्ययन में कहा गया है कि नारियल के तेल में मीडियम चैन फैटी एसिड होते हैं जो आसानी से अवशोषित होते हैं और यकृत में चयापचय करते हैं व कीटोन में जल्दी परिवर्तित होते हैं। अतः नारियल के तेल का सेवन केटोसिस स्टेट को जल्दी प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

इस डाइट के दौरान जैतून का तेल भी सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है। जैतून का तेल मोनो अनसैचुरेटेड फैटी एसिड (मूफा) में समृद्ध होता है जो हृदय से संबंधित बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद करता है। इनके अलावा सूरजमुखी का तेल और केनोला के तेल का भी उपयोग किया जा सकता है, क्योंकि यह विटामिन ई, लिनोलिक एसिड, ओलिक एसिड में भी समृद्ध है।

मक्खन और घी - सफेद मक्खन, घी और पीला मक्खन आमतौर पर भारतीय खाना पकाने या खाने में ऊपर से तड़का के रूप में उपयोग किया जाता है, जो कि वास्तव में इस आहार के दौरान सहायक साबित होता है। इनमें ऊर्जा, वसा, कंजुगेटेड लिनोलिक एसिड, विटामिन ए, और विटामिन डी, आदि अच्छी मात्रा में होते हैं। इन्हें आप अपनी करी, चावल के साथ, कबाब आदि को बनाने में इस्तेमाल कर सकते हैं।

इनके अलावा वसा के लिए, यदि आप अपने भोजन या स्मूदी में पीनट बटर या बादाम का मक्खन लेना पसंद करते हैं, तो एक बिना शुगर वाले ऑप्शन का चयन कर सकते हैं।

नट्स और सीड्स - यह फूड ग्रुप कैलोरी, वसा, प्रोटीन, ओमेगा 3 और ओमेगा 6 फैटी एसिड से भरपूर होता है, जो आपको दैनिक पोषण की आवश्यकता को पूरा करने में मदद करते हैं और किटोसिस प्रक्रिया को बनाए रखकर आपके स्वास्थ्य लक्ष्य को प्राप्त कराने में मदद करते हैं। इसके साथ ही यह आपको भूख महसूस नहीं होने देते एवं मीठी चीजों की क्रेविंग भी नहीं होने देते। इस फूड ग्रुप में आप बादाम, अखरोट, काजू, सूरजमुखी के बीज, चिया के बीज, कद्दू के बीज, अलसी के बीज, तिल के बीज आदि का सेवन कर सकते हैं। इसे आप अपने शेक, करी, सलाद, चटनी या कॉफी के साथ स्नैक्स आदि के रूप में ले सकते हैं।

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कीटो डाइट में दूध की जगह क्या लें - Substitute for dairy in Hindi

भारतीय आहार में दूध एवं दूध से बनी चीजें एक अभिन्न अंग होते हैं, लेकिन इसे कार्बोहाइड्रेट से भरपूर भोजन के रूप में भी जाना जाता है। दूध की चाय, लस्सी, मिल्कशेक और स्मूदी वो भोजन हैं, जिनमें डेयरी उत्पाद शामिल किए जाते हैं। अपनी चाय, कॉफी, मिल्कशेक के लिए, अपने साधारण दूध की जगह, बादाम का दूध या नारियल का दूध ले सकते हैं, इनके अलावा यदि आप शेक आदि को गाढ़ा करना चाहते हैं, तो इनके लिए सूखे मेवे या बादाम का बटर या पीनट बटर इस्तेमाल कर सकते हैं।

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कीटो डाइट में मीठे की कमी को कैसे करें पूरा - Sweeteners in keto diet in Hindi

इस डाइट के दौरान चीनी या अन्य मीठी चीजें पूरी तरह निषिद्ध होती हैं, ऐसे में मीठे की क्रेविंग काफी ज्यादा देखी जाती है। ऐसे में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा को नियंत्रित रखने एवं हानिकारक आर्टिफिशियल स्वीटनर से बचने के लिए, अपनी चाय, कॉफी एवं अन्य जगहों पर मीठे के लिए स्टेविआ के पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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इस आहार की लोकप्रियता के कारण, कई खाद्य कंपनियां रेडी-टू-ईट कीटो खाने के विकल्प प्रदान करने लगी हैं। जैसे कि कीटो डोसा, कीटो ब्रेकफास्ट सीरियल, कीटो उपमा आदि। जब भी आप इस खाद्य विकल्प को खरीद रहे हों, तो हमेशा न्यूट्रिशन लेबल को अवश्य पढ़ें और ज्यादा सोडियम एवं अनहेअल्थी फैट वाले विकल्प से बचें।

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जब आप कीटो डाइट शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने भोजन की योजना पहले से बना लें तथा कार्बोहाइड्रेट की अधिकता वाली चीजों से परहेज करें, जैसे कि :

चीनी
चाशनी
शहद
गुड़
फल (उच्च से मध्यम जीआई फल)
अनानास
केला
आम
पपीता
संतरे
अंगूर
खजूर
किशमिश
दूध
शराब
कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
वाइन
फलों का रस
मिठाइयां
अनाज की रोटी
पिज्जा
पास्ता
अनाज (चावल, गेहूं, मक्का, बाजरा, ज्वार, कुट्टू, जौ, क्विनोआ, जई, आदि)
फलियां और दालें (राजमा, छोले, लोबिया, दालें, आदि)
प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ (जैम, जेली, सॉस, पैकेट वाला भोजन आदि)
गाजर
चुकंदर
आलू
रतालू
शकरकंद
चॉकलेट
कैंडी
डोनट्स
पेस्ट्री
केक आदि

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इस बात के प्रमाण हैं कि केटोजेनिक आहार विभिन्न स्वास्थ्य स्थितियों के लिए मददगार है, लेकिन इसे शुरू करने से पहले, अपने पोषण विशेषज्ञ से अपनी स्वास्थ्य की स्थिति, मेडिकल रिपोर्ट, पसंद और नापसंद आदि के विषय में विस्तार में चर्चा करें एवं अपने लिए कस्टमाइज डाइट प्लान बनवाकर इस डाइट को शुरू करें, जिससे कि आप लम्बे समय तक इस डाइट का पालन कर सकें।

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Dt. Akanksha Mishra

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8 वर्षों का अनुभव

Surbhi Singh

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